*स्वामी दयानंद सरस्वती जन्मदिवस और ऋषि बोधोत्सव
" *स्वामी दयानंद सरस्वती का संदेश महान — वेदों की ओर लौटे इंसान।"
" ऋषि बोध का यही पुकार — सत्य, ज्ञान और संस्कार। "*
प्रत्येक वर्ष की भांँति इस बार भी हमारे विद्यालय में स्वामी दयानंद सरस्वती एवं ऋषि बोधोत्सव अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष यज्ञ, भजन और प्रवचन का आयोजन किया गया था। हवन में पवित्र मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियाँ दी गई। तदुपरांत श्रद्धेय दिवंगत नानक चंद जी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।प्रधानाचार्य महोदया ने स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन और ऋषि बोधोत्सव के महत्व एवं आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा सभी विद्यार्थियों (विशेष रूप से कक्षा आठवीं) की भावी
परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करने की मंगल कामना की।इस पुण्य अवसर पर आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लिए सेवा मूलक कार्य की भी व्यवस्था की गई थी, जिसमें विद्यार्थियों ने स्वैच्छिक दान करके इस पुण्य कार्य में अपना सहयोग दिया। इस प्रकार के कार्यक्रम से विद्यार्थियों को वैदिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों और सच्चे जीवन के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिली। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा।
“कृण्वन्तो विश्वमार्यम्”